Smart Meter Yojana – बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने अब पुराने बिजली मीटर और तार (केबल) मुफ्त में बदलवाने का फैसला किया है। यह काम स्मार्ट मीटर योजना (Smart Meter Yojana) के तहत किया जाएगा। इससे न सिर्फ बिजली की खपत पर निगरानी आसान होगी, बल्कि बिलिंग की पारदर्शिता भी बढ़ेगी। आम जनता के लिए ये योजना एक राहत बनकर आई है, क्योंकि इससे न तो जेब पर बोझ पड़ेगा और न ही पुराने मीटरों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
स्मार्ट मीटर योजना क्या है?
स्मार्ट मीटर योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में पारंपरिक बिजली मीटरों की जगह डिजिटल स्मार्ट मीटर लगाना है। इस योजना के तहत सभी पुराने और खराब हो चुके मीटर मुफ्त में बदले जाएंगे।
योजना के मुख्य उद्देश्य:
- उपभोक्ताओं को सही और सटीक बिजली बिल मिलना
- बिजली चोरी पर लगाम लगाना
- मीटर रीडिंग में पारदर्शिता लाना
- उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग पर रीयल टाइम जानकारी देना
स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर में अंतर
| पहलू | पुराना मीटर | स्मार्ट मीटर |
|---|---|---|
| रीडिंग | मैनुअली | डिजिटल और ऑटोमैटिक |
| बिलिंग में पारदर्शिता | कम | ज़्यादा |
| मीटर रीडर की ज़रूरत | हाँ | नहीं |
| मोबाइल से कनेक्टिविटी | नहीं | हाँ |
| बिजली चोरी की रोकथाम | नहीं | हाँ |
| यूजर कंट्रोल | सीमित | पूरी जानकारी उपलब्ध |
| मेंटेनेंस | अधिक | कम |
| बिजली बचत पर असर | कम | ज़्यादा |
योजना का लाभ किसे और कैसे मिलेगा?
इस योजना का लाभ उन सभी घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके पास अभी भी पुराने मीटर लगे हैं। योजना के तहत DISCOM (बिजली वितरण कंपनियाँ) खुद आपके मीटर को मुफ्त में बदलेंगी।
कैसे होगा मीटर का बदलाव?
- DISCOM की टीम आपके घर पर आएगी
- पुराने मीटर और वायरिंग की जांच की जाएगी
- अगर तार और मीटर पुराने या खराब पाए गए, तो उन्हें मुफ्त में बदला जाएगा
- उपभोक्ता को कोई शुल्क नहीं देना होगा
- पूरा प्रोसेस 30-45 मिनट में पूरा कर दिया जाएगा
योजना से जुड़ा मेरा व्यक्तिगत अनुभव
कुछ महीने पहले हमारे मोहल्ले में बिजली का बिल काफी अनियमित आने लगा था। कभी ज़्यादा, कभी कम। बाद में पता चला कि मीटर रीडिंग मैनुअल हो रही थी और कई बार कर्मचारी नहीं आता था। लेकिन जब हमारे क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए गए, तो बिलिंग पूरी तरह से ठीक हो गई। अब न रीडिंग के लिए किसी को बुलाना पड़ता है, न ही किसी तरह की गड़बड़ी होती है।
मेरे पड़ोसी राकेश जी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वो अक्सर शिकायत करते थे कि बिल ज़्यादा आ रहा है, लेकिन मीटर बदलने के बाद उनके खर्च में लगभग 15% की बचत हो रही है।
स्मार्ट मीटर के फायदे
- बिजली की सही माप: हर यूनिट की सटीक गणना होती है
- रीयल टाइम डेटा: मोबाइल ऐप के जरिए आप अपनी खपत देख सकते हैं
- बिजली की बचत: जब पता चलता है कि कहां ज्यादा खपत हो रही है, तो लोग खुद बचत करना शुरू कर देते हैं
- बिल में गड़बड़ी नहीं: कंप्यूटर जनरेटेड बिल मिलता है
- प्रीपेड सिस्टम की सुविधा: कुछ स्मार्ट मीटर प्रीपेड होते हैं, जिससे आप जितनी बिजली चाहिए उतनी ही ले सकते हैं
क्या इस योजना में कोई दस्तावेज़ देना होगा?
अभी तक की जानकारी के अनुसार, DISCOM की तरफ से मीटर बदलने के लिए आपको कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ नहीं देने होंगे। बस आपका खाता नंबर और पहचान पत्र की जरूरत पड़ सकती है।
किन राज्यों में शुरू हो चुकी है योजना?
स्मार्ट मीटर योजना को धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जा रहा है। वर्तमान में यह योजना निम्नलिखित राज्यों में सक्रिय है:
- उत्तर प्रदेश
- दिल्ली
- बिहार
- राजस्थान
- हरियाणा
- गुजरात
- महाराष्ट्र
यदि आप किसी ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, तो भी इस योजना का लाभ आपको मिलेगा, क्योंकि सरकार इसे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू कर रही है।
योजना से जुड़ी जरूरी बातें
- मीटर और वायरिंग पूरी तरह से मुफ्त में बदली जाएगी
- कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा
- रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं (DISCOM खुद प्रक्रिया शुरू करता है)
- काम के बाद उपभोक्ता को SMS या कॉल द्वारा सूचना दी जाती है
योजना से जुड़े कुछ सामान्य सवाल
- क्या मीटर बदलवाने के लिए हमें आवेदन करना होगा?
नहीं, DISCOM खुद घर-घर जाकर मीटर चेंज कर रहा है। - अगर मीटर खराब नहीं है तो भी बदला जाएगा?
हाँ, योजना के तहत सभी पुराने मीटर बदले जा रहे हैं, चाहे वो खराब हों या नहीं। - क्या स्मार्ट मीटर से बिल ज़्यादा आता है?
नहीं, उल्टा इसकी वजह से बिल सटीक आता है और गड़बड़ियों से बचा जा सकता है। - क्या गांवों में भी ये सुविधा मिल रही है?
हाँ, स्मार्ट मीटर योजना शहरों के साथ-साथ गांवों में भी लागू की जा रही है। - स्मार्ट मीटर लगाने के बाद हम कैसे जानें कि कितना बिल बनेगा?
आप DISCOM के मोबाइल ऐप से रीयल टाइम में अपनी खपत और बिल देख सकते हैं।